देश के करोड़ों किसान परिवार हर चार महीने में आने वाली प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की किस्त का बेसब्री से इंतजार करते हैं। 2026 में अब सबकी निगाहें 23वीं किस्त पर टिकी हैं और सरकार की ओर से इसकी तारीख को लेकर स्पष्ट जानकारी सामने आ चुकी है। कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर साझा की गई जानकारी के अनुसार 20 जून 2026 को इस योजना की 23वीं किस्त जारी की जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के तारकेश्वर से इस किस्त को जारी करेंगे और पात्र किसानों के बैंक खातों में सीधे डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से दो हजार रुपए भेजे जाएंगे। दिलचस्प बात यह है कि इस ऐलान के कुछ दिन बाद तक पीएम किसान की आधिकारिक वेबसाइट पर 22वीं किस्त की ही जानकारी दिखाई दे रही थी, जिसके चलते कई किसानों के मन में संशय बना रहा। योजना से जुड़े जानकारों का कहना है कि पहले भी कई बार वेबसाइट पर अपडेट दिखने में देरी हुई है, इसलिए केवल वेबसाइट के सहारे न रहकर आधिकारिक घोषणाओं पर भी भरोसा करना चाहिए।
पीएम किसान योजना क्या है और इसका उद्देश्य क्या है
पीएम किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत फरवरी 2019 में हुई थी और अब यह योजना अपने सात साल पूरे कर चुकी है। इस योजना के तहत देश के छोटे और सीमांत किसान परिवारों को हर साल कुल छह हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी जाती है, जो तीन किस्तों में बांटी जाती है। हर किस्त में दो हजार रुपए की राशि किसान के बैंक खाते में सीधे ट्रांसफर की जाती है, जिससे बीच में किसी दलाल या एजेंट की भूमिका खत्म हो जाती है। योजना की शुरुआत से अब तक चार लाख नौ हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि देशभर के पात्र किसान परिवारों तक पहुंचाई जा चुकी है। पिछली यानी 22वीं किस्त के तहत 13 मार्च 2026 को नौ करोड़ बत्तीस लाख से ज्यादा किसानों के खाते में अठारह हजार छह सौ चालीस करोड़ रुपए ट्रांसफर किए गए थे, जिससे यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह योजना कितने बड़े स्तर पर देश के किसानों को सीधा फायदा पहुंचा रही है।
पीएम किसान 23वीं किस्त की तारीख और राशि की पूरी जानकारी
जैसा कि ऊपर बताया गया, सरकार ने 20 जून 2026 की तारीख को 23वीं किस्त जारी करने के लिए तय किया है। इस दिन पात्र किसानों के खाते में दो हजार रुपए की राशि भेजी जाएगी। यह राशि पूरी तरह से डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए दी जाती है, यानी पैसा सीधे किसान के आधार से जुड़े बैंक खाते में पहुंचता है। हालांकि यह ध्यान रखना जरूरी है कि सभी पात्र किसानों के खाते में एक ही दिन में पैसा नहीं पहुंचता, बल्कि बैंकों की प्रोसेसिंग के आधार पर इसमें कुछ दिनों का अंतर भी देखा जा सकता है। इसलिए अगर तय तारीख के दिन ही पैसा न आए तो घबराने की जरूरत नहीं है, बल्कि अगले एक से दो दिन तक स्टेटस चेक करते रहना चाहिए।
पीएम किसान बेनिफिशियरी स्टेटस ऑनलाइन कैसे चेक करें
किस्त का पैसा आया है या नहीं, यह जानने के लिए सबसे आसान तरीका है आधिकारिक वेबसाइट पर बेनिफिशियरी स्टेटस चेक करना। इसके लिए सबसे पहले pmkisan.gov.in वेबसाइट पर जाना होता है और होमपेज पर दिख रहे फार्मर्स कॉर्नर सेक्शन में जाना होता है। यहां बेनिफिशियरी स्टेटस का विकल्प चुनकर अपना रजिस्ट्रेशन नंबर या आधार नंबर दर्ज करना होता है। अगर रजिस्ट्रेशन नंबर याद नहीं है तो आधार नंबर के जरिए भी सर्च किया जा सकता है। इसके बाद कैप्चा कोड भरकर गेट डेटा पर क्लिक करते ही स्क्रीन पर यह दिखने लगता है कि किस्त की राशि किस स्टेज में है, यानी पैसा ट्रांसफर हो गया है, प्रोसेस में है या किसी कारण से रुका हुआ है। यही प्रक्रिया पीएम किसान मोबाइल ऐप के जरिए भी की जा सकती है, जिससे ग्रामीण इलाकों के किसानों को बार बार सरकारी दफ्तर जाने की जरूरत नहीं पड़ती।
23वीं किस्त का पैसा न आने पर सबसे पहले ये काम करें
अगर तय तारीख निकल जाने के बाद भी खाते में पैसा नहीं आया है, तो सबसे पहले अपना बेनिफिशियरी स्टेटस जरूर चेक करना चाहिए, क्योंकि अक्सर इसका जवाब वहीं मिल जाता है। स्टेटस पेज पर अगर पेमेंट फेल्ड, पेंडिंग या एफटीओ जनरेटेड जैसा कोई मैसेज दिखे, तो इसका मतलब है कि कहीं न कहीं कोई छोटी सी जानकारी अधूरी या गलत है। ज्यादातर मामलों में यह समस्या ईकेवायसी पूरी न होने, बैंक खाते का आधार से लिंक न होने, या नाम और जन्मतिथि जैसी जानकारी में मामूली अंतर होने की वजह से आती है। एक बार जब यह पता चल जाए कि समस्या कहां है, तो उसे सुधारना उतना मुश्किल नहीं रहता जितना शुरुआत में लग सकता है।
ईकेवायसी पूरी न होने की वजह से पैसा रुक सकता है
सरकार ने यह साफ कर दिया है कि बिना ईकेवायसी पूरी किए किसी भी किसान को किस्त की राशि नहीं मिलेगी। ईकेवायसी पूरी करने के दो तरीके हैं, पहला ओटीपी आधारित ऑनलाइन ईकेवायसी जो वेबसाइट या ऐप से घर बैठे की जा सकती है, और दूसरा नजदीकी सीएससी सेंटर पर जाकर बायोमेट्रिक तरीके से कराई जाने वाली ईकेवायसी। जिन किसानों का आधार नंबर मोबाइल से लिंक नहीं है या ओटीपी आने में परेशानी होती है, उनके लिए सीएससी सेंटर जाकर बायोमेट्रिक ईकेवायसी कराना सबसे भरोसेमंद और सुरक्षित विकल्प माना जाता है। ईकेवायसी की स्थिति भी वेबसाइट पर बेनिफिशियरी स्टेटस के साथ ही दिखाई देती है, इसलिए इसे समय रहते जरूर जांच लेना चाहिए।
बैंक खाता और आधार लिंकिंग से जुड़ी समस्या कैसे ठीक करें
कई बार किसान का नाम लाभार्थी सूची में होने के बावजूद पैसा इसलिए नहीं आता क्योंकि उसका बैंक खाता आधार से सही तरीके से सीड नहीं है, यानी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के लिए लिंकिंग पूरी नहीं है। इस समस्या को ठीक करने के लिए किसान को अपनी बैंक शाखा में जाकर आधार सीडिंग की स्थिति की जांच करानी चाहिए। अगर खाता बंद हो गया है, या खाताधारक का नाम आधार में दर्ज नाम से मेल नहीं खाता, तो भी पेमेंट अटक सकता है। ऐसी स्थिति में बैंक से संपर्क करके जानकारी सही कराना ही सबसे कारगर तरीका है, क्योंकि सिर्फ ऑनलाइन कोशिश करने से यह समस्या हल नहीं होती।
अगर ऑनलाइन कोशिश के बाद भी समाधान न मिले तो कहां शिकायत करें
जब किसान ने अपनी सारी जानकारी सही कर ली हो, ईकेवायसी भी पूरी हो, बैंक खाता भी आधार से लिंक हो, लेकिन फिर भी पैसा न आए, तो ऐसी स्थिति में सबसे नजदीकी सीएससी सेंटर या जिला कृषि विभाग कार्यालय में जाकर सीधी शिकायत दर्ज करानी चाहिए। इसके अलावा पीएम किसान पोर्टल पर हेल्पडेस्क सेक्शन के जरिए भी शिकायत दर्ज की जा सकती है, जहां रजिस्ट्रेशन नंबर डालकर अपनी समस्या बताई जा सकती है। बहुत बार स्थानीय कृषि अधिकारी के स्तर पर ही जानकारी अपडेट करके समस्या का समाधान कुछ ही दिनों में हो जाता है, इसलिए इस प्रक्रिया को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
लाभार्थी सूची में नाम न होने पर क्या समझें
कुछ किसानों के मामले में समस्या किस्त के अटकने की नहीं बल्कि लाभार्थी सूची से नाम हट जाने की होती है। ऐसा अक्सर तब होता है जब ईकेवायसी लंबे समय तक पूरी न हो, या सत्यापन प्रक्रिया में यह पाया जाए कि कोई किसान योजना की पात्रता शर्तों को पूरा नहीं करता, जैसे बड़ी जोत वाले किसान या सरकारी पेंशनभोगी। राज्यवार आंकड़ों में भी यह देखा गया है कि कई जगह लाभार्थियों की संख्या में कमी आई है, और इसका सबसे बड़ा कारण ईकेवायसी पूरी न होना या आधार लिंकिंग में गड़बड़ी बताया गया है। इसलिए अगर किसी किसान का नाम सूची में नहीं दिख रहा, तो सबसे पहले अपनी ईकेवायसी और दस्तावेजों की स्थिति जरूर जांच लेनी चाहिए।
पीएम किसान योजना से जुड़ी सावधानियां और जरूरी सलाह
किस्त के इंतजार के दौरान कई बार फर्जी मैसेज, फोन कॉल या लिंक के जरिए किसानों से निजी जानकारी मांगने की कोशिश की जाती है, जिसमें बैंक डिटेल या ओटीपी साझा करने के लिए कहा जाता है। ऐसी किसी भी मांग पर भरोसा नहीं करना चाहिए, क्योंकि सरकार कभी भी फोन या मैसेज के जरिए ओटीपी या बैंक पासवर्ड नहीं मांगती। स्टेटस और जानकारी हमेशा सिर्फ आधिकारिक वेबसाइट pmkisan.gov.in या पीएम किसान मोबाइल ऐप से ही चेक करनी चाहिए। इसके साथ ही समय समय पर अपनी ईकेवायसी और बैंक खाते की जानकारी अपडेट रखना भी जरूरी है, ताकि भविष्य की किस्तों में किसी तरह की रुकावट न आए।
सरांश के तौर पर कहा जा सकता है कि 23वीं किस्त को लेकर सरकार की तरफ से तारीख स्पष्ट कर दी गई है और अधिकतर पात्र किसानों के खाते में तय समय पर राशि पहुंच जाएगी। लेकिन अगर किसी कारण से पैसा न आए, तो घबराने के बजाय व्यवस्थित तरीके से स्टेटस चेक करना, ईकेवायसी और बैंक डिटेल की जांच करना, और जरूरत पड़ने पर नजदीकी कार्यालय से संपर्क करना ही सबसे सही तरीका है। समय रहते इन सभी जानकारियों पर ध्यान देने से किसान बिना किसी परेशानी के अपनी किस्त का लाभ ले सकते हैं।


