देश के युवाओं के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित एक भव्य यूथ कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना यानी PM-VBRY के तहत 15 लाख लाभार्थियों के बैंक खातों में सीधे 2,400 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि जारी की है। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने देशभर के युवाओं से सीधा संवाद भी किया और रोजगार सृजन को एक राष्ट्रीय अभियान बनाने का आह्वान किया। अगर आपके मन में भी यह सवाल है कि यह राशि किसे और किस आधार पर मिली है, तो इस लेख में हम योजना की पूरी जानकारी सरल भाषा में समझाएंगे।
विकसित भारत रोजगार योजना है क्या, इसे शुरू करने के पीछे की सोच क्या थी
प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना केंद्र सरकार की एक महत्वाकांक्षी रोजगार योजना है जिसे 15 अगस्त 2025 को शुरू किया गया था। इस योजना का मुख्य मकसद देश में औपचारिक यानी फॉर्मल रोजगार के अवसर बढ़ाना, नई नौकरियां पैदा करना और कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा से जोड़ना है। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की देखरेख में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी EPFO इस योजना को लागू कर रहा है। इस स्कीम की खास बात यह है कि इसमें कर्मचारी और नियोक्ता दोनों को फायदा मिलता है, यानी यह एक दोतरफा प्रोत्साहन वाली योजना है।
केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया के मुताबिक सरकार ने इस योजना के लिए कुल 99,446 करोड़ रुपये का बजट तय किया है। सरकार का इरादा अगले दो साल में करीब 3.5 करोड़ नए रोजगार अवसर तैयार करने का है। यह स्कीम 1 अगस्त 2025 से 31 जुलाई 2027 तक लागू रहेगी, यानी अभी इसके लिए आवेदन करने का पूरा समय बाकी है।
15 लाख युवाओं को 2500 करोड़ रुपये कैसे और किस आधार पर बांटे गए
हाल ही में हुए कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने बताया कि इस योजना के माध्यम से अब तक करीब 70 लाख रोजगार के अवसर सृजित हो चुके हैं। इनमें से लगभग 70 लाख ऐसे युवा हैं जिन्हें पहली बार नौकरी मिली है और उन्हें सामाजिक सुरक्षा का लाभ भी मिला है। इन्हीं में से 15 लाख ऐसे लाभार्थी रहे जिनकी सेवा अवधि की शर्तें पूरी हो गई थीं, इसलिए उनके खातों में सीधे 2,400 करोड़ रुपये की राशि ट्रांसफर की गई।
प्रधानमंत्री ने इस मौके पर यह भी बताया कि करीब 20 लाख युवाओं ने अपनी पहली नौकरी के छह महीने पूरे होने के बाद वित्तीय साक्षरता संबंधी जरूरी शर्तें भी पूरी कर ली हैं, जिससे उन्हें भविष्य में दूसरी किस्त का फायदा मिलेगा। प्रधानमंत्री ने इस राशि को महज एक आर्थिक मदद नहीं बताया, बल्कि इसे युवाओं की प्रतिभा और परिश्रम के प्रति राष्ट्र के सम्मान के रूप में पेश किया।
योजना के तहत पैसा किसे और किन शर्तों पर मिलता है, पूरी पात्रता जानिए
इस योजना का सबसे ज्यादा फायदा उन युवाओं को मिलता है जो पहली बार किसी EPFO से रजिस्टर्ड कंपनी में नौकरी जॉइन कर रहे हैं। पात्रता की मुख्य शर्तें इस तरह हैं।
कर्मचारी को 1 अगस्त 2025 से 31 जुलाई 2027 के बीच किसी EPFO रजिस्टर्ड संस्थान में नौकरी जॉइन करनी होगी। इससे पहले उसका EPFO या किसी एग्जेम्प्टेड ट्रस्ट में सदस्य रहना मान्य नहीं है। जॉइनिंग के समय मासिक सकल वेतन एक लाख रुपये या उससे कम होना जरूरी है। कर्मचारी का UAN नंबर आधार से प्रमाणित होना चाहिए और इसे UMANG ऐप के जरिए फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक से जनरेट किया जाता है। इसके साथ ही कर्मचारी को एक ही संस्थान में लगातार कम से कम छह महीने तक काम करना अनिवार्य है, तभी वह प्रोत्साहन राशि का दावा कर सकता है।
नियोक्ताओं यानी कंपनियों के लिए भी अलग शर्तें रखी गई हैं। पुराने संस्थानों के लिए स्टाफ की एक बेसलाइन संख्या तय की गई है और उस बेसलाइन से ऊपर बनाई गई नई नौकरियों पर ही इंसेंटिव मिलता है। नई रजिस्टर्ड कंपनियों के लिए कम से कम 20 कर्मचारियों की बेसलाइन रखी गई है। साथ ही EPFO से जुड़ी किसी जांच या कानूनी मामले में फंसे संस्थान इस योजना के दायरे में नहीं आते, जिससे सिर्फ वास्तविक रोजगार सृजन को ही पुरस्कृत किया जाए।
कर्मचारियों को कुल कितनी रकम और कितने हिस्सों में मिलती है
योग्य कर्मचारियों को इस योजना के तहत कुल 15,000 रुपये तक की प्रोत्साहन राशि मिलती है, जो उनके एक महीने के EPF वेतन के बराबर होती है। यह राशि एकमुश्त नहीं बल्कि दो किस्तों में दी जाती है।
पहली किस्त छह महीने की सेवा पूरी होने पर जारी होती है। दूसरी और बाकी बची राशि बारह महीने की सेवा पूरी होने के साथ ही तब मिलती है जब कर्मचारी EPFO के डैशबोर्ड पर उपलब्ध एक फ्री फाइनेंशियल लिटरेसी कोर्स भी पूरा कर लेता है। यह दूसरी किस्त सीधे नकद के रूप में नहीं बल्कि एक बचत साधन में जमा की जाती है, जिसका मकसद युवाओं में लंबी अवधि की बचत की आदत डालना है। पूरी राशि सीधे कर्मचारी के आधार से लिंक्ड बैंक खाते में ट्रांसफर होती है, जिससे बिचौलियों की कोई गुंजाइश नहीं रहती।
इसी तरह नियोक्ताओं को भी हर अतिरिक्त कर्मचारी के लिए वेतन स्लैब के आधार पर हर महीने तीन हजार रुपये तक की राशि मिलती है, जो छह, बारह, अठारह और चौबीस महीने पूरे होने के बाद चरणों में जारी की जाती है।
योजना का लाभ पाने के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें
जो युवा इस योजना का फायदा उठाना चाहते हैं, उन्हें सबसे पहले यह सुनिश्चित करना होगा कि उनकी कंपनी EPFO से रजिस्टर्ड है। इसके बाद की प्रक्रिया कुछ इस तरह है।
सबसे पहले अपना UAN यानी यूनिवर्सल अकाउंट नंबर बनवाना जरूरी है, जो नियोक्ता के माध्यम से या सीधे UMANG ऐप से जनरेट किया जा सकता है। UAN को आधार से जोड़कर मोबाइल नंबर और OTP के जरिए वेरिफिकेशन करना होता है। इसके बाद कर्मचारी और नियोक्ता दोनों को आधिकारिक EPFO पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराना होता है। युवा उम्मीदवारों के लिए जॉब सीकर रजिस्ट्रेशन और कंपनियों के लिए अलग से एम्प्लॉयर रजिस्ट्रेशन की सुविधा दी गई है, जिससे पोर्टल पर नौकरी की मैचिंग और भर्ती प्रक्रिया आसान हो जाती है।
आवेदन के दौरान सभी जरूरी दस्तावेज पीडीएफ या जेपीईजी फॉर्मेट में अपलोड करने होते हैं। अधूरे या गलत दस्तावेज होने पर आवेदन रिजेक्ट भी हो सकता है, इसलिए सभी विवरण ध्यान से भरना जरूरी है। किसी भी समस्या के लिए EPFO ने टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800-180-1850 भी जारी किया है।
यह योजना देश के रोजगार परिदृश्य के लिए क्यों मानी जा रही है गेम चेंजर
आंकड़ों पर नजर डालें तो अगस्त 2025 से अब तक 70 लाख से ज्यादा युवा पहली बार औपचारिक कार्यबल का हिस्सा बन चुके हैं, जो किसी भी एक योजना के लिहाज से बहुत बड़ा आंकड़ा है। सरकार का यह भी मानना है कि इस तरह की प्रत्यक्ष आर्थिक मदद युवाओं को अनौपचारिक क्षेत्र से औपचारिक क्षेत्र की ओर आकर्षित करती है, जिससे उन्हें भविष्य में प्रोविडेंट फंड, पेंशन और अन्य सामाजिक सुरक्षा लाभ भी मिल पाते हैं।
विशेषज्ञ इसे भारत के 2047 तक विकसित भारत बनने के लक्ष्य से भी जोड़कर देख रहे हैं, क्योंकि एक मजबूत, कुशल और औपचारिक रूप से नियोजित युवा कार्यबल ही किसी भी देश की आर्थिक तरक्की की सबसे बड़ी बुनियाद होता है। हालांकि यह भी ध्यान रखने वाली बात है कि योजना का पूरा फायदा उन्हीं को मिलेगा जो समय सीमा के भीतर सही तरीके से आवेदन करते हैं और तय शर्तों का पालन करते हैं।
अगर आप या आपके परिवार में कोई पहली बार नौकरी की तलाश में है, तो यह सही समय है कि EPFO के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर अपनी पात्रता जांचें और इस योजना का पूरा फायदा उठाएं। योजना से जुड़ी ताजा अपडेट के लिए EPFO की आधिकारिक वेबसाइट और श्रम मंत्रालय की घोषणाओं पर नजर बनाए रखना सबसे बेहतर तरीका रहेगा।


