करोड़ों किसान पिछले कई दिनों से अपने फोन पर बार बार एक ही चीज़ चेक कर रहे थे, और अब वह इंतज़ार खत्म हो गया है। केंद्र सरकार ने पुष्टि कर दी है कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 23वीं किस्त 20 जून 2026 को जारी की जा रही है, और यह राशि अब 9 करोड़ से ज़्यादा पात्र किसान परिवारों के बैंक खातों में पहुंच रही है। अगर आप भी पीएम किसान योजना के लाभार्थी हैं, तो यह सही समय है अपना स्टेटस चेक करने का, क्योंकि मार्च में आई 22वीं किस्त के बाद से चला आ रहा इंतज़ार आज खत्म हो रहा है।
पीएम किसान सम्मान निधि योजना क्या है और यह किसानों के लिए इतनी अहम क्यों है
पीएम किसान सम्मान निधि योजना दुनिया की सबसे बड़ी प्रत्यक्ष आय सहायता योजनाओं में से एक है। इस योजना के तहत पात्र छोटे और सीमांत किसान परिवारों को हर साल कुल ₹6,000 की राशि मिलती है, जो तीन बराबर किस्तों में दी जाती है, हर किस्त ₹2,000 की होती है और हर चार महीने में एक बार खाते में आती है। यह राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के ज़रिए सीधे किसान के बैंक खाते में जाती है, यानी इसमें कोई बीचवाला नहीं होता, किसी दफ्तर में जाकर कागज़ी काम का इंतज़ार नहीं करना पड़ता, और रकम बीच में कहीं फंसने का खतरा भी नहीं रहता। एक छोटे किसान के लिए जो बीज, खाद, सिंचाई या फसल आने से पहले घर के रोज़मर्रा के खर्चों का इंतज़ाम करता है, यह तिमाही सहायता वाकई बहुत बड़ा सहारा बनती है, और इसी वजह से फरवरी 2019 में शुरू हुई यह योजना आज तक इतनी ध्यान से देखी जाती रही है।
23वीं किस्त की तारीख कन्फर्म, जानिए पैसा ठीक कब आ रहा है
पीएम किसान योजना के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से साझा की गई जानकारी के अनुसार, 23वीं किस्त 20 जून 2026 को जारी की जा रही है, और प्रधानमंत्री यह राशि पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के तारकेश्वर से जारी कर रहे हैं। यह 22वीं किस्त के लगभग चार महीने बाद आ रही है, जो 13 मार्च 2026 को असम के गुवाहाटी से जारी हुई थी और जिसमें 9.32 करोड़ से ज़्यादा किसानों को भुगतान मिला था। इस पैटर्न को देखते हुए साफ है कि सरकार हर चार महीने में किस्त जारी करने के अपने नियमित चक्र पर ही चल रही है, और इस बार भी 9 करोड़ से अधिक किसान परिवारों को इसका लाभ मिलने की उम्मीद है, जिसमें कुल ट्रांसफर राशि हज़ारों करोड़ रुपये तक पहुंचेगी।
पीएम किसान 23वीं किस्त का स्टेटस ऑनलाइन दो मिनट में कैसे चेक करें
यह जानने के लिए कि आपके खाते में ₹2,000 आए या नहीं, आपको कहीं लाइन में लगने की ज़रूरत नहीं है। बस आधिकारिक पीएम किसान पोर्टल pmkisan.gov.in पर जाएं और होमपेज पर Farmers Corner सेक्शन देखें। इस सेक्शन में Know Your Status नाम का विकल्प दिखेगा, उस पर क्लिक करें। इसके बाद आपसे आधार नंबर, रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर या रजिस्ट्रेशन नंबर में से कोई एक डालने को कहा जाएगा, साथ में स्क्रीन पर दिख रहा कैप्चा कोड भी भरना होगा। यह जानकारी सबमिट करने और आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर आए OTP से वेरिफाई करने के बाद, आपका पूरा स्टेटस सामने आ जाएगा, जिसमें आपकी निजी जानकारी, पुरानी किस्तों का रिकॉर्ड, और यह दिखेगा कि 23वीं किस्त आपके खाते में आ गई है या अभी प्रोसेस में है। अगर आपको रजिस्ट्रेशन नंबर याद नहीं है, तो उसी पेज पर Know Your Registration Number नाम का एक अलग लिंक है, जहां मोबाइल नंबर या आधार नंबर डालने पर तुरंत आपका रजिस्ट्रेशन नंबर मिल जाएगा।
पात्र होने के बावजूद कुछ किसानों को किस्त क्यों नहीं मिलती
हर किस्त के समय असली पात्र किसानों का एक हिस्सा ऐसा भी होता है जिसकी राशि अटक जाती है, और लगभग हर बार इसकी वजह इन तीन कारणों में से कोई एक होती है। सबसे आम वजह है e-KYC का पेंडिंग रहना, जिसे सरकार ने हर लाभार्थी के लिए ज़रूरी कर दिया है, इसके बिना किसी भी किस्त का भुगतान नहीं हो सकता। दूसरी वजह है आधार की जानकारी और बैंक खाते की जानकारी में मिसमैच होना, जहां नाम में एक छोटी सी स्पेलिंग गलती या गलत IFSC कोड भी ट्रांसफर फेल कर सकता है। तीसरी वजह है ज़मीन के रिकॉर्ड का सही तरीके से वेरिफाई न होना या कुछ राज्यों में अब अनिवार्य हो चुके फार्मर आईडी का न होना। अगर आपके स्टेटस में e-KYC Required या e-KYC Pending लिखा दिख रहा है, तो इसे जल्द से जल्द पूरा कर लेना ही सही रहेगा, क्योंकि अधूरी वेरिफिकेशन ही किस्त में देरी की सबसे बड़ी वजह बनती है।
अगली किस्त से पहले e-KYC पूरा करने का स्टेप बाय स्टेप तरीका
e-KYC पूरा करना अब पहले से कहीं ज़्यादा आसान हो गया है, और ज़्यादातर किसान इसे अपने फोन से कुछ ही मिनटों में पूरा कर सकते हैं। सबसे पहले pmkisan.gov.in पर जाएं और Farmers Corner सेक्शन में e-KYC का विकल्प देखें। अपना बारह अंकों का आधार नंबर ध्यान से डालें, साथ में दिख रहा कैप्चा भरें, और फिर Get OTP पर क्लिक करें। आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर एक OTP आएगा, और सही OTP डालने पर प्रक्रिया तुरंत पूरी हो जाती है और स्क्रीन पर कन्फर्मेशन मैसेज दिख जाता है। अगर आपका मोबाइल नंबर आधार से लिंक नहीं है, तो यह OTP वाला तरीका काम नहीं करेगा, ऐसी स्थिति में बेहतर विकल्प है अपने नज़दीकी कॉमन सर्विस सेंटर या स्टेट सेवा केंद्र जाना, जहां फिंगरप्रिंट के ज़रिए बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन किया जा सकता है। इसके अलावा PMKISAN GoI मोबाइल ऐप में फेस ऑथेंटिकेशन का भी विकल्प मौजूद है, जो दूर दराज़ इलाकों के किसानों के बीच काफी लोकप्रिय हो रहा है जिन्हें बार बार सेंटर जाना मुश्किल लगता है।

अपने गांव की लाभार्थी सूची में नाम कैसे के पास खेती योग्य ज़मीन है, जिसमें पति, पत्नी और उनके नाबालिग बच्चे शामिल होते हैं, और जो राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के भूमि रिकॉर्ड के अनुसार सामूहिक रूप से कृषि भूमि के मालिक हैं। हालांकि कुछ श्रेणियों के लोगों को इस योजना से साफ तौर पर बाहर रखा गया है, भले ही उनके पास तकनीकी रूप से खेती की ज़मीन हो। इसमें कंपनियां, ट्रस्ट और रजिस्टर्ड सोसाइटी जैसे संस्थागत भूमि मालिक शामिल हैं, साथ ही राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, राज्यपाल और मुख्यमंत्री जैसे वर्तमान या पूर्व संवैधानिक पदों पर रहे लोग भी शामिल हैं। वर्तमान और पूर्व सांसद, विधायक, मेयर और ज़िला पंचायत के अध्यक्ष भी इससे बाहर हैं, और केंद्र या राज्य सरकार के मंत्रालयों, सार्वजनिक उपक्रमों में कार्यरत या रिटायर कर्मचारी भी इसमें शामिल नहीं होते, हालांकि मल्टी टास्किंग स्टाफ, क्लास फोर और ग्रुप डी कर्मचारियों को इससे छूट दी गई है। हर महीने ₹10,000 या उससे ज़्यादा पेंशन पाने वाले पेंशनभोगी भी इससे बाहर हैं, ऊपर बताई गई निचली श्रेणियों को छोड़कर। इन बहिष्करण नियमों को समझना ज़रूरी है क्योंकि कई बार सही नीयत से किया गया आवेदन भी सिर्फ इसलिए रिजेक्ट हो जाता है क्योंकि आवेदक को रजिस्ट्रेशन के समय यह पता ही नहीं था कि वह इन श्रेणियों में आता है।
पहली बार रजिस्ट्रेशन कराने वाले किसानों को किन दस्तावेज़ों की ज़रूरत होगी
जिन किसानों ने अभी तक पीएम किसान योजना में रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है और अब आवेदन करना चाहते हैं, उन्हें प्रक्रिया शुरू करने से पहले कुछ ज़रूरी दस्तावेज़ तैयार रखने चाहिए। इनमें आधार कार्ड, बैंक खाता पासबुक जिसमें खाता नंबर और IFSC कोड साफ दिख रहा हो, और ज़मीन के मालिकाना हक के दस्तावेज़ या राजस्व रिकॉर्ड शामिल हैं जो यह साबित करें कि आप कृषि भूमि पर खेती करते हैं। कुछ राज्यों में सपोर्टिंग दस्तावेज़ के तौर पर नरेगा जॉब कार्ड, राशन कार्ड या पैन कार्ड भी मांगा जा सकता है, हालांकि आम तौर पर यह तभी ज़रूरी होते हैं जब वेरिफिकेशन के दौरान खासतौर पर मांगे जाएं। दस्तावेज़ तैयार होने के बाद, आप पीएम किसान पोर्टल पर Farmers Corner में New Farmer Registration पर क्लिक करके ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं, अपने दस्तावेज़ों के साथ नज़दीकी कॉमन सर्विस सेंटर जा सकते हैं, PMKISAN GoI मोबाइल ऐप का इस्तेमाल कर सकते हैं, या सीधे अपने स्थानीय कृषि विभाग के दफ्तर से संपर्क कर सकते हैं।
अब तक इस योजना ने कितना बड़ा काम किया है
अपनी शुरुआत के बाद से पीएम किसान योजना का दायरा लगातार बढ़ता गया है, और इसका कुल ट्रांसफर आंकड़ा खुद ही इसकी कहानी बयां करता है। मार्च 2026 में जारी हुई 22वीं किस्त के साथ ही, इस योजना की शुरुआत से लेकर अब तक कुल ट्रांसफर की गई राशि ₹4.27 लाख करोड़ से ऊपर पहुंच गई, जो कई किस्तों में करोड़ों किसान परिवारों तक पहुंची है। इस योजना को अब किसान क्रेडिट कार्ड योजना जैसी दूसरी किसान कल्याण योजनाओं से भी जोड़ा जा रहा है, जिससे पीएम किसान के लाभार्थी कम ब्याज दर पर छोटी अवधि का कृषि लोन भी ले सकते हैं, और इससे उन्हें मिलने वाली सीधी आय सहायता के साथ साथ क्रेडिट तक पहुंच भी आसान हो जाती है।
23वीं किस्त मिलने के बाद किसानों को आगे क्या करना चाहिए
23वीं किस्त के खाते में आने के साथ ही, सबसे समझदारी की बात यही होगी कि इसे अंतिम पड़ाव नहीं बल्कि एक चेकपॉइंट मानें। यह ज़रूर देखें कि आपका e-KYC स्टेटस Completed दिखा रहा है या नहीं, अपने बैंक खाते की जानकारी और आधार की जानकारी पूरी तरह मेल खाती है या नहीं, और अगर आपके राज्य में फार्मर आईडी अनिवार्य है तो आपकी ज़मीन का रिकॉर्ड सिस्टम में ठीक से दर्ज है या नहीं। अगली किस्त इस तारीख से लगभग चार महीने बाद आएगी, और जो किसान साल भर अपने रिकॉर्ड अपडेट रखते हैं, उन्हें भुगतान में देरी या रिजेक्शन जैसी परेशानी का सामना लगभग कभी नहीं करना पड़ता। क्योंकि यह पूरी योजना वेरिफाइड डिजिटल रिकॉर्ड पर चलती है, आज अपनी जानकारी अपडेट करने में लगाए गए कुछ मिनट आपको बाद में छूटी हुई किस्त के पीछे भागने से बचा सकते हैं।
यह लेख प्रकाशन के समय उपलब्ध सरकारी घोषणाओं और सत्यापित समाचार रिपोर्ट्स पर आधारित है, और किसानों को सलाह दी जाती है कि अपने व्यक्तिगत भुगतान स्टेटस की सबसे सटीक और ताज़ा जानकारी के लिए pmkisan.gov.in या PMKISAN GoI मोबाइल ऐप पर ही भरोसा करें।


