आज के समय में आधार और पैन कार्ड भारत के सबसे जरूरी दस्तावेज़ बन चुके हैं। बैंक खाता खोलना हो, इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करना हो, सब्सिडी लेनी हो या फिर किसी सरकारी योजना का लाभ उठाना हो हर जगह इन दोनों की जरूरत पड़ती है। सरकार ने पहले ही साफ कर दिया है कि आधार और पैन कार्ड को आपस में लिंक कराना अनिवार्य है। अगर आपके पास दोनों दस्तावेज़ बने हुए हैं और आपने अब तक इन्हें लिंक नहीं कराया है, तो 31 दिसंबर से पहले यह काम पूरा कर लेना बेहद जरूरी है, क्योंकि तय तारीख के बाद जुर्माना लग सकता है और कई सुविधाएं भी बंद हो सकती हैं।
सरकार का कहना है कि आधार–पैन लिंकिंग का मुख्य उद्देश्य फर्जी पैन कार्ड पर रोक लगाना और टैक्स सिस्टम को पारदर्शी बनाना है। जिन लोगों ने समय रहते लिंकिंग नहीं कराई, उनका पैन कार्ड निष्क्रिय (Inoperative) किया जा सकता है। निष्क्रिय पैन कार्ड का मतलब है कि आप न तो इनकम टैक्स रिटर्न फाइल कर पाएंगे और न ही बैंकिंग या निवेश से जुड़े कई जरूरी काम कर सकेंगे। इसके अलावा, भविष्य में पैन को फिर से सक्रिय कराने के लिए जुर्माना भी देना पड़ सकता है, जो आम करदाताओं के लिए एक अतिरिक्त बोझ बन सकता है।
| जानकारी | विवरण |
|---|---|
| लिंकिंग की अंतिम तारीख | 31 दिसंबर |
| जरूरी दस्तावेज़ | आधार नंबर, पैन नंबर |
| जुर्माना (देरी पर) | तय राशि (नियमों के अनुसार) |
| पैन निष्क्रिय होने पर असर | ITR फाइल नहीं होगी, बैंक/निवेश में दिक्कत |
| आधिकारिक वेबसाइट | incometax.gov.in, uidai.gov.in |
आधार और पैन लिंक न होने का सीधा असर रोजमर्रा के वित्तीय कामों पर पड़ता है। अगर आपका पैन निष्क्रिय हो जाता है तो बैंक में बड़ा लेन-देन, म्यूचुअल फंड या शेयर बाजार में निवेश, प्रॉपर्टी की खरीद-बिक्री जैसे कामों में परेशानी आ सकती है। इतना ही नहीं, कई बार टीडीएस (TDS) ज्यादा कट सकता है, क्योंकि निष्क्रिय पैन होने पर टैक्स की दरें बढ़ जाती हैं। इसलिए समय रहते लिंकिंग कराना न सिर्फ कानूनी जरूरत है, बल्कि आर्थिक रूप से भी फायदेमंद है।
लिंकिंग की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन और आसान है। आयकर विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर कुछ ही मिनटों में आधार और पैन को जोड़ा जा सकता है। इसके लिए पैन नंबर, आधार नंबर और आधार में दर्ज मोबाइल नंबर की जरूरत होती है, क्योंकि ओटीपी के जरिए सत्यापन किया जाता है। जिन लोगों के आधार और पैन में नाम या जन्मतिथि में हल्का-सा अंतर है, उन्हें पहले सुधार कराना पड़ सकता है, ताकि लिंकिंग में कोई दिक्कत न आए।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन लोगों के पास केवल पैन है और आधार नहीं बना है, उन्हें भी जल्द से जल्द आधार बनवाने की सलाह दी जाती है। वहीं जिन वरिष्ठ नागरिकों या विशेष श्रेणी के लोगों को छूट दी गई है, उनके लिए नियम थोड़े अलग हो सकते हैं, लेकिन आम नागरिकों के लिए लिंकिंग जरूरी है। अगर आपने पहले लिंकिंग कराई है, तो भी एक बार स्टेटस जरूर चेक कर लें, ताकि बाद में किसी तरह की परेशानी न हो।
अगर आप लिंकिंग करना चाहते हैं, तो आयकर विभाग की आधिकारिक वेबसाइट https://www.incometax.gov.in पर जाकर “Link Aadhaar” विकल्प चुन सकते हैं। वहीं आधार से जुड़ी किसी भी जानकारी या सुधार के लिए https://uidai.gov.in आधिकारिक वेबसाइट है। इन दोनों ही वेबसाइट्स पर पूरी प्रक्रिया स्टेप-बाय-स्टेप दी गई है, जिससे आम आदमी भी आसानी से यह काम कर सकता है।
अंत में यही कहा जा सकता है कि आधार और पैन लिंकिंग को टालना अब समझदारी नहीं है। 31 दिसंबर से पहले यह काम पूरा कर लेने से न सिर्फ जुर्माने से बचा जा सकता है, बल्कि भविष्य में आने वाली कई तरह की दिक्कतों से भी राहत मिलती है। थोड़ी-सी सावधानी और समय देकर आप अपने जरूरी दस्तावेज़ों को सुरक्षित और सक्रिय रख सकते हैं, जो आगे चलकर आपके ही काम आएंगे।


