भारत सरकार और राज्य सरकारों द्वारा राशन कार्ड व्यवस्था को पारदर्शी और जरूरतमंदों तक सीमित रखने के लिए समय-समय पर नियमों में बदलाव किए जाते हैं। हाल के अपडेट के अनुसार राशन कार्ड से जुड़े 6 नए नियम लागू किए गए हैं, जिनका असर करोड़ों लाभार्थियों पर पड़ेगा। इन नियमों का मुख्य उद्देश्य फर्जी कार्डों को हटाना, पात्र परिवारों को पूरा लाभ देना और डिजिटल प्रक्रिया को आसान बनाना है। यदि आपके पास राशन कार्ड है या आप नया आवेदन करने की योजना बना रहे हैं, तो इन बदलावों की जानकारी होना बेहद जरूरी है
पहला नया नियम ई-केवाईसी से जुड़ा है, जिसे अब लगभग सभी राज्यों में अनिवार्य कर दिया गया है। जिन लाभार्थियों ने अभी तक आधार से राशन कार्ड की ई-केवाईसी पूरी नहीं की है, उनका राशन अस्थायी रूप से रोका जा सकता है। सरकार का मानना है कि ई-केवाईसी से डुप्लीकेट और फर्जी लाभार्थियों की पहचान आसानी से होगी, हालांकि कई ग्रामीण क्षेत्रों में तकनीकी दिक्कतों के कारण लोगों को परेशानी भी हो रही है
दूसरा नियम यह है कि परिवार में किसी सदस्य की मृत्यु या नए सदस्य के जन्म की स्थिति में राशन कार्ड अपडेट कराना अब अनिवार्य हो गया है। यदि लंबे समय तक जानकारी अपडेट नहीं की गई, तो कार्ड रद्द होने का खतरा बढ़ सकता है। इससे एक ओर वास्तविक जरूरतमंदों को पूरा राशन मिलेगा, वहीं दूसरी ओर गलत जानकारी के आधार पर अतिरिक्त लाभ लेने वालों पर रोक लगेगी
| जानकारी | विवरण |
|---|---|
| लागू योजना | राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) |
| ई-केवाईसी स्थिति | अधिकांश राज्यों में अनिवार्य |
| स्टेटस चेक तरीका | ऑनलाइन, राज्य खाद्य विभाग पोर्टल |
| नया आवेदन | ऑनलाइन / कुछ राज्यों में ऑफलाइन विकल्प |
| अंतिम तिथि | राज्य अनुसार अलग-अलग |
| आधिकारिक पोर्टल | nfsa.gov.in, राज्य खाद्य विभाग वेबसाइट |
तीसरा बड़ा बदलाव आय और पात्रता से जुड़ा है। नए नियमों के अनुसार, जिन परिवारों की आय तय सीमा से अधिक पाई जाएगी या जिनके पास चार पहिया वाहन, बड़े मकान या अन्य निर्धारित संपत्तियां होंगी, उनके राशन कार्ड की समीक्षा की जाएगी। यह नियम सिस्टम को अधिक न्यायसंगत बनाता है, लेकिन कुछ मध्यम वर्गीय परिवारों को इससे बाहर भी होना पड़ सकता है
चौथा नियम डिजिटल राशन कार्ड और पोर्टेबिलिटी से संबंधित है। अब ‘वन नेशन वन राशन कार्ड’ योजना के तहत लाभार्थी देश के किसी भी हिस्से में अपने हिस्से का राशन ले सकते हैं। इससे प्रवासी मजदूरों को सबसे ज्यादा फायदा हुआ है, हालांकि कई जगहों पर नेटवर्क और मशीनों की समस्या अब भी बनी हुई है
पांचवां नियम यह स्पष्ट करता है कि यदि किसी परिवार के पास लंबे समय तक राशन नहीं उठाया जाता, तो कार्ड की जांच की जाएगी। लगातार उपयोग न होने पर कार्ड को निष्क्रिय या रद्द भी किया जा सकता है। सरकार का तर्क है कि इससे सिस्टम में सिर्फ सक्रिय और जरूरतमंद लाभार्थी ही बने रहेंगे।
छठा और अंतिम नियम आवेदन प्रक्रिया से जुड़ा है। अब नए राशन कार्ड के लिए आवेदन अधिकतर राज्यों में पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया गया है। आवेदन करते समय सही दस्तावेज, मोबाइल नंबर और आधार विवरण देना अनिवार्य है। गलत जानकारी देने पर आवेदन निरस्त हो सकता है या भविष्य में कार्ड रद्द किया जा सकता है।
राशन कार्ड स्टेटस चेक करना अब काफी आसान हो गया है। लाभार्थी अपने राज्य की खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन या कार्ड की स्थिति देख सकते हैं। इसके लिए आमतौर पर आवेदन संख्या, आधार नंबर या राशन कार्ड नंबर की जरूरत होती है। ऑनलाइन स्टेटस चेक से लोगों को दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते, जो डिजिटल इंडिया की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।
जहां तक नए आवेदन की अंतिम तिथि की बात है, यह राज्य सरकारों पर निर्भर करती है। कई राज्यों में आवेदन पूरे वर्ष स्वीकार किए जाते हैं, जबकि कुछ राज्यों में विशेष अभियान या समय-सीमा तय की जाती है। इसलिए आवेदकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने राज्य की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अंतिम तिथि की पुष्टि जरूर करें, ताकि किसी भी तरह की समस्या से बचा जा सके।
राशन कार्ड से जुड़ी किसी भी आधिकारिक जानकारी के लिए केवल सरकारी वेबसाइटों पर ही भरोसा करना चाहिए। राष्ट्रीय स्तर पर nfsa.gov.in और अपने राज्य की खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की वेबसाइट सबसे विश्वसनीय स्रोत हैं। इन पोर्टलों पर न सिर्फ आवेदन और स्टेटस चेक की सुविधा मिलती है, बल्कि नए नियमों और नोटिस की जानकारी भी समय-समय पर अपडेट की जाती है। कुल मिलाकर, नए नियम सिस्टम को अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम हैं, हालांकि इनके सफल क्रियान्वयन के लिए तकनीकी और जमीनी स्तर पर सुधार की जरूरत बनी हुई है।


